अब आगे...
खुशी रजत के प्यार से निढाल हो चुकी थी और जैसे ही रजत उसे छोड़ता है वो नींद के आगोश में चली जाती है। वहीं रजत भी खुशी के नाजुक बदन पर निढाल होकर सो जाता है।
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खुशी रजत के प्यार से निढाल हो चुकी थी और जैसे ही रजत उसे छोड़ता है वो नींद के आगोश में चली जाती है। वहीं रजत भी खुशी के नाजुक बदन पर निढाल होकर सो जाता है।
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